
31 दिसंबर 2025 को विधानसभा-26 पिछोर में श्री अमर सिंह महतो जी के बलिदान दिवस एवं लोधी एकता दिवस के पावन अवसर पर एक भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
इस गरिमामय आयोजन में लोकप्रिय विधायक श्री प्रीतम लोधी जी ने मुख्यातिथि के रूप में सहभागिता की। कार्यक्रम के दौरान शहीद अमर सिंह महतो जी की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की गई।
विधायक प्रीतम लोधी जी ने अपने संबोधन में समाज की एकता, बलिदान और वीरता के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि ऐसे महापुरुषों का जीवन आज की पीढ़ी के लिए प्रेरणास्रोत है।
लोधी समाज की एकजुटता और सामाजिक चेतना को मजबूत करने में इस प्रकार के आयोजनों की अहम भूमिका है।
कार्यक्रम में समाज के वरिष्ठजन, युवा साथी एवं बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे।

शहीद अमर सिंह महतो (Lodhi Amar Singh Mahato) भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के एक महान क्रांतिकारी थे, जिन्हें विशेष रूप से बुंदेलखंड क्षेत्र में उनके योगदान के लिए याद किया जाता है।
शहीद अमर सिंह महतो के संदर्भ में मुख्य विवरण इस प्रकार हैं:
- क्रांतिकारी योगदान: अमर सिंह महतो (जिन्हें ‘लोधी अमर सिंह महतो’ भी कहा जाता है) गोहंड (हमीरपुर, बुंदेलखंड) के जमींदार थे। उन्होंने 1842 के बुंदेला विद्रोह और 1857 की क्रांति में अंग्रेजों के खिलाफ अद्भुत शौर्य का प्रदर्शन किया था। उन्होंने राजा हिरदेशाह लोधी और अन्य क्रांतिकारियों के साथ मिलकर ब्रिटिश शासन की नींव हिला दी थी।
- बलिदान: 1857 की क्रांति के दौरान अंग्रेजों से लोहा लेते हुए उन्होंने अपना सर्वोच्च बलिदान दिया। हालांकि, ऐतिहासिक दस्तावेजों में उनकी शहादत की एक निश्चित “सर्वमान्य तिथि” (जैसे 23 मार्च भगत सिंह के लिए) का उल्लेख कम मिलता है और यह अक्सर स्थानीय या सामुदायिक स्तर पर मनाई जाती है।
अतः “अमर सिंह महतो” मुख्य रूप से बुंदेलखंड के नायक के रूप में पहचाने जाते हैं।






